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Updated Wed, 07 May 2021 11:35 PM

बरेली में किशोरी को मोबाइल देने पर हुआ बवाल, दाेनाें पक्षाें में हुई मारपीट, जानिए आगे क्या हुआ

बरेली, जेएनएन। शीशगढ थाना क्षेत्र के गाव में एक किशोरी को मोबाइल देने काे लेकर दाे पक्षाें में मारपीट हाे गई। घटना उस वक्त घटी जब किशाेरी के जानकारी देने पर परिजन आराेपित के घर उलाहना देने पहुंचे। जिस पर आराेपित पक्ष ने किशाेरी के पिता व चाचा काे पीटकर घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने दाेनाे पक्षाें की तरफ से एनसीआर दर्ज कर ली है। थाने में दी तहरीर के अनुसार पीडित ने बताया की मेरी बेटी घर पर कार चोभी का काम कर रही थी तभी गांव में रहने वाला एक लड़का बेटी को मोबाइल फेंक कर दे गया, जब लड़की ने जानकारी दी ताे वह शिकायत लेकर लड़के के घर गए। जहां आराेपित पक्ष ने उनके उन पर लाठी डंडो से हमला बाेल दिया। शोर होने पर चचेरा भाई बचाने पहुंचा तो उसे भी पीटकर घायल कर दिया जिसमें चचेरे भाई के सिर में चोट लग गयी सूचना पर पुलिस को आते देख आरोपी फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के बिरुद्ध दूसरे पक्ष से से चार लोगों के विरुद्ध एन सी आर दर्ज कर कर ली है।

बरेली में एंबुलेंस चालकाे की मनमानी, तीन घंटे नहीं पहुंची तो 2500 रुपये देकर प्राइवेट एंबुलेंस से ले गए अस्पताल

बरेली, जेएनएन। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अब संक्रमितों के गंभीर होने के भी प्रतिदिन 300 से 300 मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन पर उन्हें भर्ती कराने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला सर्विलांस टीम बनाई गई है जो संक्रमितोंं को अस्पताल में भर्ती कराती है। लेकिन सीमित एंबुलेंस होने पर संक्रमितों को भर्ती कराने में काफी समय लग रहा है। सोमवार को दैनिक जागरण ने इसकी पड़ताल की तो कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें संक्रमितों को भर्ती कराने में एक से तीन घंटे तक का समय लग गया। श्यामगंज निवासी अहमद खान उम्र 65 साल। बीते आठ दस दिन से तबीयत खराब थी। खांसी जुकाम था तो चिकित्सक ने कोविड जांच कराई। जांच निगेटिव आई। सब ठीक चल रहा था लेकिन बुधवार की सुबह सांस लेने में दिक्कत होने लगी। चिकित्सक से बात करने पर उन्होंने तत्काल ऑक्सीजन की व्यवस्था और कोविड अस्पताल ले जाने को कहा। इस पर अहमद खान के बेटे ने सुबह 11 बजे 0581-2511021 पर कॉल कर मरीज के हालात के बारे में बताया।

यूपी के इस विश्वविद्यालय के छात्र प्रयागराज से देहरादून, वाया बरेली चला रहे कोविड मदद एक्सप्रेस, जानिए कैसे कर रहे मदद

अंकित गुप्ता, बरेली : कोरोना संक्रमण के इस दौर में कई लोग अपने अपने तरीके से कोविड संक्रमितों की मदद में लगे हुए हैं। ऐसे ही एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुछ पूर्व छात्रों ने एक टीम बनाकर कोविड मरीजों की मदद शुरू की है। यह छात्र प्रयागराज से देहरादून तक एक कड़ी बनाकर कोविड मदद एक्सप्रेस चला रहे। इसमें हर स्टेशन पर मौजूद स्टेशन मास्टर (छात्र या पूर्व छात्र) की जिम्मेदारी है कि अगर उनके स्टेशन (शहर) पर कोई व्यक्ति परेशानी में है तो वह उसकी उसकी मदद करेंगे। विश्वविद्यालय के 22 छात्र और पूर्व छात्रों की यह टीम अब तक 50 से अधिक लोगों तक मदद कर चुके हैं।